किस पर लागूछोटे दुकानदार (P2PM)
क्या नया UPI MDR मेरी दुकान पर लगेगा? क़दम-दर-क़दम जाँच
UPI चार्ज किस पर लगेगा और किस पर नहीं? तीन सवालों से पता कीजिए कि आप P2PM (छूट वाले) हैं या P2M - चार असली जैसी दुकानों के उदाहरणों के साथ।
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लेखक upicharges.in संपादकीय डेस्क · छपा:
सीधा जवाब
क्या नया UPI MDR मेरी दुकान पर लगेगा?
अगर UPI का पैसा QR से सीधे आपके पर्सनल खाते में आता है और महीने का UPI कलेक्शन ₹1 लाख तक है, तो नहीं - आप पर कुछ नहीं लगेगा।
बाकी सब दुकानों पर लगेगा, पर सिर्फ़ ₹2,000 से ऊपर वाले पेमेंट पर।
इस लेख में
- पहला सवाल: पैसा किस खाते में आता है?
- दूसरा सवाल: महीने का UPI कलेक्शन कितना है?
- तीसरा सवाल: आपका कारोबार कौन-सा है?
- एक चित्र में पूरा फ़ैसला
- चार दुकानें, चार जवाब
- तीन आम ग़लतफ़हमियाँ
- "लागू है" का मतलब हर पेमेंट पर चार्ज नहीं
- आपको कुछ करना है?
- 15 अक्टूबर से पहले: पाँच मिनट की तैयारी
- अगर आप P2PM हैं और फिर भी चार्ज कट गया
15 अक्टूबर 2026 से UPI पेमेंट पर दुकानदारों से MDR कटना शुरू होगा, पर हर दुकान पर एक जैसा नहीं। कुछ दुकानों पर यह चार्ज बिल्कुल नहीं लगेगा, और जिन पर लगेगा, उन पर भी हर पेमेंट पर नहीं। पूरा फ़ैसला तीन सवालों से हो जाता है। पहले दो तय करते हैं कि चार्ज लागू है या नहीं; तीसरा तय करता है कि लागू है तो कितना।
इस लेख में हम तीनों सवाल एक-एक करके देखेंगे, फिर चार अलग-अलग दुकानों पर इन्हें लगाकर देखेंगे। जल्दी जवाब चाहिए तो सीधे "मुझ पर लागू है?" टूल में तीनों जवाब भर दीजिए। पूरी बात समझनी है, तो पढ़ते रहिए।
पहला सवाल: पैसा किस खाते में आता है?
यह सबसे अहम सवाल है। FAQ छोटे दुकानदारों को जो छूट देता है, वह उन पर है जिन्हें पैसा UPI QR से सीधे अपने पर्सनल (बचत) खाते में मिलता है FAQ सवाल FAQ Q23, Q24।
अपना खाता पहचानने का आसान तरीक़ा:
- अपनी बैंक पासबुक या स्टेटमेंट देखिए। उस पर खाते का प्रकार लिखा होता है - बचत (Savings) या चालू (Current)।
- देखिए कि ग्राहक जिस QR को स्कैन करते हैं, उसका पैसा किस खाते में आता है। कई दुकानदारों के पास एक से ज़्यादा खाते होते हैं।
- पक्का न हो, तो अपने बैंक से पूछ लीजिए कि आपका UPI पैसा किस तरह के खाते में आता है।
अगर पैसा चालू खाते या किसी मर्चेंट खाते में आता है, तो आप P2M श्रेणी में हैं और MDR आप पर लागू है - भले ही आपका कलेक्शन कितना भी कम हो। अगर पैसा QR से सीधे पर्सनल बचत खाते में आता है, तो दूसरे सवाल पर चलिए।
दूसरा सवाल: महीने का UPI कलेक्शन कितना है?
छूट की दूसरी शर्त है रकम: महीने में UPI से ₹1 लाख तक FAQ सवाल FAQ Q23, Q24। ठीक ₹1 लाख भी इसी दायरे में आता है, क्योंकि शर्त "₹1 लाख तक" की है।
अपना कलेक्शन ऐसे निकालिए: पिछले महीने के बैंक स्टेटमेंट या UPI ऐप की हिस्ट्री में महीने भर में आए सारे UPI पेमेंट जोड़ लीजिए। एक महीना कम-ज़्यादा हो सकता है, इसलिए पिछले दो-तीन महीने देख लें तो तस्वीर साफ़ रहती है।
अगर दोनों शर्तें पूरी होती हैं - पैसा QR से सीधे पर्सनल खाते में, और महीने का कलेक्शन ₹1 लाख तक - तो आप P2PM हैं, और आप पर MDR शून्य है। यह छूट ज़रूरी है, बैंक की मर्ज़ी पर नहीं।
और यहाँ एक बात अक्सर छूट जाती है: MDR आपकी श्रेणी से तय होता है, पेमेंट की रकम से नहीं FAQ सवाल FAQ Q26। यानी P2PM दुकानदार को ₹2,000 से ऊपर वाले पेमेंट पर भी कुछ नहीं देना।
अगर किसी एक महीने कलेक्शन ₹1 लाख से ऊपर चला जाए - जैसे त्योहार के सीज़न में - तो घबराने की बात नहीं। बैंक हर महीने आने वाले UPI पैसे पर नज़र रखते हैं, और P2PM दुकानदार को P2M में तभी डाला जाता है जब UPI से आया पैसा लगातार तीन महीने ₹1 लाख से ऊपर रहे FAQ सवाल FAQ Q29। एक भारी महीना आपकी श्रेणी नहीं बदलता।
तीसरा सवाल: आपका कारोबार कौन-सा है?
अगर MDR आप पर लागू है, तो यह सवाल तय करता है कि कितना कटेगा:
- ज़्यादातर दुकानों पर - किराना, रेस्टोरेंट, दवा की दुकान, कपड़े, सर्विस - ₹2,000 से ऊपर के पेमेंट पर पूरी रकम का 0.4%, और एक पेमेंट पर ज़्यादा से ज़्यादा ₹300 FAQ सवाल FAQ Q26, Q32।
- रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और ईंधन में ₹2,000 से ऊपर के हर पेमेंट पर 0.4% की जगह सीधे ₹5 FAQ सवाल FAQ Q33। बिजली, पानी और पाइप वाली गैस के बिल पर भी यही ₹5 FAQ सवाल FAQ Q41।
एक चित्र में पूरा फ़ैसला
पहले दो सवाल आपकी श्रेणी तय कर देते हैं। श्रेणी तय होते ही जवाब पक्का:
चार दुकानें, चार जवाब
अब इन्हीं तीन सवालों को चार अलग दुकानों पर लगाकर देखते हैं। नाम काल्पनिक हैं, हिसाब असली नियम से।
मोहन वाला उदाहरण सबसे काम का है, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा डर है। "MDR लागू है" का मतलब यह नहीं कि हर पेमेंट पर कटेगा।
तीन आम ग़लतफ़हमियाँ
"मेरी दुकान छोटी है, तो मुझे छूट मिलेगी ही।" सिर्फ़ दुकान का छोटा होना काफ़ी नहीं। अगर UPI का पैसा चालू खाते में आता है, तो छोटी दुकान भी P2M है - जैसे ऊपर मोहन की टपरी। छूट इस पर टिकी है कि पैसा कहाँ जाता है और UPI से कितना आता है FAQ सवाल FAQ Q23, Q24।
"₹1 लाख मतलब मेरी कुल बिक्री।" शर्त उस पैसे की है जो महीने में UPI QR से आता है। नकद बिक्री UPI पेमेंट नहीं है, इसलिए वह इस आँकड़े में नहीं जुड़ती।
"छूट देना बैंक की मर्ज़ी है।" नहीं। जो दुकानदार दोनों शर्तें पूरी करता है, उस पर MDR शून्य रखना ज़रूरी है FAQ सवाल FAQ Q23, Q24।
"लागू है" का मतलब हर पेमेंट पर चार्ज नहीं
P2M दुकानदारों पर भी चार्ज सिर्फ़ ₹2,000 से ऊपर वाले पेमेंट पर है FAQ सवाल FAQ Q26। ठीक ₹2,000 का पेमेंट भी मुफ़्त है। अगर आपकी दुकान पर ज़्यादातर बिल छोटे हैं, तो आपका महीने का ख़र्च बहुत कम होगा।
किस रकम पर कितना कटेगा, यह MDR कैलकुलेटर में देखिए। पूरे महीने का अंदाज़ा चाहिए, तो महीने का ख़र्च टूल। किराना, रेस्टोरेंट और दवा की दुकान के पूरे हिसाब: UPI MDR से मेरे कारोबार का कितना ख़र्च बढ़ेगा? किराना, रेस्टोरेंट और दवा की दुकान का पूरा हिसाब।
आपको कुछ करना है?
नहीं। न QR कोड बदलना है, न साउंडबॉक्स, न कहीं दोबारा रजिस्ट्रेशन FAQ सवाल FAQ Q25। और एक बात याद रखें: चाहे आप P2M हों, यह चार्ज ग्राहक के बिल में नहीं जोड़ सकते FAQ सवाल FAQ Q34। इस पर पूरा लेख: क्या दुकानदार 0.4% ग्राहक से ले सकता है? नियम साफ़-साफ़ क्या कहता है।
15 अक्टूबर से पहले: पाँच मिनट की तैयारी
- पता कर लीजिए कि आपका QR किस खाते में पैसा भेजता है - बचत या चालू।
- पिछले तीन महीनों में हर महीने UPI से आया पैसा जोड़ लीजिए।
- गिनिए कि आपके कितने पेमेंट ₹2,000 से ऊपर के होते हैं। चार्ज सिर्फ़ इन्हीं पर कट सकता है।
- सितंबर और अक्टूबर की settlement रिपोर्ट सँभालकर रखिए, ताकि बदलाव से पहले और बाद का हिसाब मिला सकें FAQ सवाल FAQ Q5।
- ग्राहकों के बिल में कुछ मत जोड़िए FAQ सवाल FAQ Q34, और "नए QR" के लिए किसी को पैसे मत दीजिए FAQ सवाल FAQ Q25।
अगर आप P2PM हैं और फिर भी चार्ज कट गया
P2PM दुकानदार पर कोई भी MDR नहीं बनता। अगर 15 अक्टूबर के बाद आपकी settlement रिपोर्ट में कोई चार्ज दिखे, तो:
- रिपोर्ट की CSV फ़ाइल अपने PSP ऐप या नेट बैंकिंग से डाउनलोड करें।
- उसे Settlement जाँच टूल में डालें और "छोटा दुकानदार (P2PM)" चुनें। हर कटौती अलग से दिख जाएगी।
- उस नतीजे की PDF बनाकर अपने PSP या बैंक से बात करें।
DFS ने कहा है कि 15 अक्टूबर से चार्जों की रोज़ निगरानी होगी, इसलिए अपने स्टेटमेंट सँभालकर रखें। रिपोर्ट पढ़ना सीखें: UPI settlement रिपोर्ट कैसे पढ़ें और ग़लत कटौती कैसे पकड़ें। और P2PM की पूरी बात: P2PM क्या है? छोटे दुकानदारों के लिए ₹1 लाख महीने की छूट, आसान भाषा में।
नियम की पूरी तस्वीर - ₹300 की लिमिट, AutoPay, ₹5 वाले कारोबार - एक जगह चाहिए, तो पढ़िए: 15 अक्टूबर 2026 से UPI चार्ज: दुकानदारों के लिए पूरी गाइड।
आम सवाल
मेरा कलेक्शन ₹50,000 है पर पैसा चालू खाते में आता है। क्या मुझ पर चार्ज लगेगा?
हाँ, MDR लागू है, क्योंकि छूट सिर्फ़ उन पर है जिनका पैसा QR से सीधे पर्सनल खाते में आता है (FAQ Q23, Q24)। पर चार्ज सिर्फ़ ₹2,000 से ऊपर वाले पेमेंट पर कटेगा।
P2PM छूट के लिए क्या मुझे कहीं रजिस्ट्रेशन कराना होगा?
FAQ कहता है कि दोबारा रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं, और QR या साउंडबॉक्स भी नहीं बदलना (FAQ Q25)। अपनी श्रेणी पक्की करनी हो, तो अपने बैंक से पूछ लें।
क्या P2PM दुकानदार पर ₹2,000 से बड़े पेमेंट पर चार्ज लगेगा?
नहीं। MDR श्रेणी से तय होता है, पेमेंट की रकम से नहीं, इसलिए P2PM दुकानदार पर किसी भी रकम पर कुछ नहीं (FAQ Q26)।
पूरी जानकारी एक जगह: UPI चार्ज की पूरी गाइड →
upicharges.in संपादकीय डेस्क — हर लेख को NPCI/DFS के 15 सितंबर 2026 वाले FAQ से मिलाकर जाँचती है
इस लेख का हर तथ्य NPCI/DFS के 15 सितंबर 2026 वाले FAQ से लिया गया है। NPCI/DFS का आधिकारिक FAQ देखें